"और अच्छे नाम अल्लाह ही के हैं, तो उसे उन्हीं नामों से पुकारो..." (क़ुरआन 7:180)। अस्मा-उल-हुस्ना (सबसे खूबसूरत नाम) को समझना हमारे बनाने वाले को जानने, दिली सुकून पाने और दुनिया के सफ़र के लिए रूहानी ताक़त हासिल करने का सबसे बेहतरीन तरीका है।
अल्लाह के नामों को जानने की ताक़त
दिल को असली तसल्ली तभी मिलती है जब वह अपने रब से जुड़ता है। अल्लाह का हर एक नाम (99 नामों में से) कायनात (ब्रह्मांड) और हमारी अपनी रूह को गहराई से समझने का एक दरवाज़ा है। नबी करीम (PBUH) ने फ़रमाया: "बेशक, अल्लाह के निन्यानवे (99) नाम हैं। जो कोई भी उन्हें याद करेगा (और उन पर अमल करेगा) वह जन्नत में दाखिल होगा।" (सहीह बुखारी)।
कुछ अहम नाम और उनके फायदे
अल्लाह के कुछ ख़ास नामों का ज़िक्र करने से इंसान की ज़िंदगी में सीधे तौर पर रूहानी नतीजे मिलते हैं:
- अर-रहमान / अर-रहीम: निहायत मेहरबान और रहम करने वाला। अल्लाह की रहमत महसूस करने और दूसरों के लिए अपना दिल नरम करने के लिए इन नामों का ज़िक्र करें।
- अश-शाफ़ी (Ash-Shafi): शिफ़ा देने वाला। किसी भी जिस्मानी या रूहानी बीमारी से शिफ़ा (इलाज) पाने की नीयत से इस नाम का ज़िक्र करें।
- अर-रज़्ज़ाक़ (Ar-Razzaq): रिज़्क़ देने वाला। अपनी रोज़ी-रोटी में बरकत और आर्थिक परेशानियों को दूर करने के लिए इस नाम को पुकारें।
- अल-फ़त्ताह (Al-Fattah): खोलने वाला। अपनी तालीम (education), नौकरी और ज़िंदगी में कामयाबी के नए दरवाज़े खोलने के लिए अल्लाह को इस नाम से पुकारें।
- अल-वदूद (Al-Wadud): बेइंतहा प्यार करने वाला। अपने परिवार और समाज में मोहब्बत और अमन कायम करने के लिए इस नाम का विर्द (ज़िक्र) करें।
ज़िक्र को मुकम्मल कैसे बनाएं
अल्लाह के नामों को एक खास तादाद (गिनती) में पढ़ने से ध्यान (focus) लगाने में मदद मिलती है। लेकिन आज की भागदौड़ में मैन्युअल तस्बीह रखना मुश्किल हो सकता है। एक डिजिटल साथी का इस्तेमाल करने से आप सिर्फ अल्लाह के नामों के मतलब पर ध्यान लगा सकते हैं, जबकि गिनती का काम ऐप कर लेता है।