नमाज़ (सलाह) इस्लाम का दूसरा सबसे अहम सुतून (स्तंभ) है और बंदे का अल्लाह से सीधे जुड़ने का ज़रिया है। दिन में पांच वक़्त की नमाज़ रूहानी सुकून और ज़िम्मेदारी का एहसास दिलाती है। जो लोग नमाज़ पढ़ना सीख रहे हैं, उनके लिए यह गाइड बहुत मददगार साबित होगी।
नमाज़ से पहले की ज़रूरी शर्तें (फ़राइज़)
नमाज़ शुरू करने से पहले कुछ शर्तों का पूरा होना ज़रूरी है, वरना नमाज़ नहीं होगी:
- पाकी (Wuzu): वज़ू करके जिस्मानी तौर पर पाक होना।
- जगह और कपड़ों की पाकी: आपके कपड़े और नमाज़ पढ़ने की जगह (जानमाज़) साफ़ (नापाकी से दूर) होनी चाहिए।
- सतर ढांकना: इस्लाम के बताए हुए तरीके से अपने शरीर को ठीक से कपड़ों से ढंकना।
- क़िबला रुख़ होना: मक्का में मौजूद काबा की तरफ मुँह करके खड़ा होना।
- वक़्त: हर नमाज़ को उसके मुक़र्रर (तय) वक़्त के अंदर ही पढ़ना।
- नीयत: दिल में पक्का इरादा करना कि आप किस वक़्त की और कितनी रकात नमाज़ अल्लाह के लिए पढ़ रहे हैं।
पांच वक़्त की नमाज़ें (रकात का चार्ट)
नमाज़ 'रकात' (Rakat) नाम की इकाइयों में बँटी होती है। यहाँ पांचों वक़्त की नमाज़ का हिसाब दिया गया है (हनफी तरीके के मुताबिक):
| नमाज़ का वक़्त | सुन्नत | फ़र्ज़ | बाद की सुन्नत | कुल रकात |
|---|---|---|---|---|
| फ़ज्र (सुबह) | 2 | 2 | - | 4 |
| ज़ोहर (दोपहर) | 4 | 4 | 2 | 10 |
| अस्र (तीसरा पहर) | 4 | 4 | - | 8 |
| मग़रिब (शाम) | - | 3 | 2 | 5 |
| इशा (रात) | 4 | 4 | 2 | 13* |
* नोट: इशा की सुन्नतों के बाद 3 रकात 'वित्र' (Witr) पढ़ना वाजिब है।
नमाज़ के अहम हिस्से (Steps)
- तकबीर (Takbeer): दोनों हाथों को कानों तक उठाकर "अल्लाहु अकबर" कहते हुए नमाज़ शुरू करें और हाथ बांध लें।
- क़ियाम (Qiyam): सीधे खड़े रहकर सूरह अल-फ़ातिहा और उसके बाद क़ुरआन की कोई और सूरह पढ़ें।
- रुकू (Ruku): कमर को सीधा रखते हुए झुकें और अल्लाह की पाकी (सुब्हान रब्बियल अज़ीम) बयान करें।
- सुजूद (Sujud): ज़मीन पर सज्दा करें जहाँ माथा, नाक और हथेलियां ज़मीन से लगें; यह अल्लाह के सबसे करीब होने का पल है।
- क़ादा / जलसा (Qa'da): दो सज्दों के बीच में और नमाज़ के आखिर में बैठना और तशह्हुद (अत्तहियात) पढ़ना।
- सलाम (Salam): नमाज़ पूरी करने के लिए पहले दाईं (Right) और फिर बाईं (Left) तरफ चेहरा घुमाकर "अस्सलाम वालेकुम व रहमतुल्लाह" कहना।