रात की इबादत (नफ़िल)

तहज्जुद: रात के सन्नाटे में अल्लाह से मुलाक़ात

5 मिनट की पढ़ाई

जब पूरी दुनिया सो रही होती है और ज़मीन पर सन्नाटा छा जाता है, तब रहमत के दरवाज़े पूरी तरह से खुले होते हैं। तहज्जुद की नमाज़ मोमिन के लिए अल्लाह का सबसे खूबसूरत तोहफा है: यह दिली सुकून का रास्ता है और हर परेशानी का हल है।

तहज्जुद का सही वक़्त

तहज्जुद की नमाज़ इशा की नमाज़ के बाद से लेकर फज्र का वक़्त (सुबह सादिक) शुरू होने तक पढ़ी जा सकती है। लेकिन इसका सबसे अफ़ज़ल (बेहतरीन) वक़्त रात का आखिरी तिहाई (1/3) हिस्सा होता है।

ज़रूरी शर्त: "तहज्जुद" लफ्ज़ का मतलब ही है 'नींद से जागना'। इसलिए सुन्नत यह है कि इशा के बाद पहले थोड़ा सोया जाए और फिर रात में उठकर यह नमाज़ पढ़ी जाए। अपनी मीठी नींद छोड़कर अल्लाह के लिए उठना ही इस नमाज़ को इतना ख़ास बनाता है।

कितनी रकात पढ़ें?

तहज्जुद दो-दो रकात (हर दो रकात के बाद सलाम फेर कर) करके पढ़ी जाती है। आप कम से कम 2 रकात और ज़्यादा से ज़्यादा 12 रकात पढ़ सकते हैं। नबी करीम (PBUH) आमतौर पर 8 रकात तहज्जुद पढ़ते थे और फिर वित्र (Witr) की नमाज़ पढ़कर अपनी रात की इबादत मुकम्मल करते थे।

तहज्जुद कैसे पढ़ें? (तरीका)

  1. नीयत: दिल में इरादा करें: "मैं अल्लाह की रज़ा के लिए 2 रकात नफ़िल तहज्जुद की नमाज़ पढ़ रहा हूँ।"
  2. नमाज़ पढ़ने का तरीका: इसे किसी भी आम नफ़िल नमाज़ की तरह पढ़ा जाता है। हर रकात में सूरह अल-फ़ातिहा के बाद अपनी याद की हुई कोई भी सूरह पढ़ें।
  3. दुआ: नमाज़ पूरी करने के बाद मुसल्ले (जानमाज़) पर ही बैठे रहें और अल्लाह से रो-रो कर अपनी ज़रूरतें मांगें। इस वक़्त मांगी गई दुआएं कभी रद (Reject) नहीं होतीं।
💡 हदीस: नबी (PBUH) ने फ़रमाया: "हमारा रब हर रात के आखिरी तिहाई हिस्से में दुनिया के आसमान पर उतरता है और पुकारता है: 'कौन है जो मुझसे दुआ करे तो मैं क़ुबूल करूँ? कौन है जो मुझसे मांगे तो मैं उसे दूँ? कौन है जो मुझसे माफ़ी मांगे तो मैं उसे माफ़ कर दूँ?'" (सहीह बुखारी)

रात की इबादत के फ़ायदे

जो लोग पाबंदी से तहज्जुद पढ़ते हैं, उनके चेहरों पर एक अलग ही नूर (चमक) होता है। यह नमाज़ दिमाग को तेज़ करती है, दिन भर के कामों में बरकत लाती है और इंसान के दिल को ऐसा सुकून देती है जो दुनिया की किसी भी दौलत से नहीं मिल सकता।

रहमत के लिए जागें

क्या आपको रात के आखिरी हिस्से में उठने में परेशानी होती है? Nur Vakti ऐप का तहज्जुद अलार्म (Tahajjud Alarm) इस्तेमाल करें, जो आपको इस ख़ास वक़्त पर बहुत ही सुकून से जगाता है।